राहुल गांधी की लीडरशिप पर इन 7 कांग्रेसियों ने उठाए थे सवाल, जानें अब क्या है इनकी हालत

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नई दिल्ली: राहुल गांधी ने शनिवार को देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष पद की कमान संभाल ली है. बतौर अध्यक्ष अपने पहले भाषण में राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से ‘हिंसा और गुस्से की राजनीति’ से लड़ने और उसे परास्त करने का आह्वान किया. एनडीए के घटक दल राहुल गांधी के चयन पर सवाल उठा रहे हैं. वे आरोप लगा रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी पर गांधी परिवार का वर्चस्व है. वे वशंवाद की राजनीति कर रहे हैं. ऐसे में आपका ध्यान उन सात मौकों की ओर दिलाने की कोशिश कर रहे हैं, जब कांग्रेसी नेताओं ने राहुल गांधी के अध्यक्ष कुर्सी संभालने से पहले उनके नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए थे.

इन 7 मौकों पर कांग्रेसी नेताओं ने उठाए राहुल के नेतृत्व क्षमता पर सवाल 

1. 24 फरवरी, 2017: शीला दीक्षित बोलीं, राहुल गांधी अभी मैच्योर नहीं हुए हैं, उन्हें और वक्त मिलना चाहिए. यूपी चुनाव में कांग्रेस ने इन्हें सीएम उम्मीदवार बनाया था, लेकिन आखिरी वक्त में इनका नाम हटा लिया गया था. फिलहाल ये पार्टी में बनी हुई हैं.

2. अगस्त, 2017: जयराम रमेश बोले- ‘पार्टी इस वक्त अस्तित्व के संकट से जूझ रही है और उस पर अप्रासंगिक होने का खतरा मंडरा रहा है. फिलहाल पार्टी में हासिए पर हैं.

3. साल 2015: जयंती नटराजन बोलीं, राहुल गांधी के खिलाफ सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखने के बाद कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा.

4. अप्रैल, 2015: संदीप दीक्षित बोले, अभी की परिस्थितियों में सोनिया गांधी को अध्यक्ष बने रहने की जरूरत है. ये अभी भी कांग्रेस में बने हुए हैं.

5. सितंबर, 2015: संदीप दीक्षित बोले, कहीं जाकर बैठ जाने और दलित के घर खाना खाने से समस्या का समाधान नहीं होता. यह सिर्फ नाटक है. ये अभी भी कांग्रेस में बने हुए हैं.

6. 31 मई, 2014: टी एच मुस्तफा बोले, चुनावों में ‘जोकर’ की तरह काम करने से कोई फायदा नहीं होने वाला. (राहुल को जोकर कहने पर कांग्रेस से निकाले गये)

7. 31 मई, 2014: भंवरलाल शर्मा, कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाने पर कांग्रेस से निलंबित.

बतौर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी और सत्तारूढ़ बीजेपी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने बीजेपी पर देश को मध्यकाल में ले जाने और आग एवं हिंसा की राजनीति करने का आरोप लगाया. पार्टी के मुख्यालय में हुए एक समारोह में कांग्रेस के मुख्य निर्वाचन प्राधिकरण (सीईए) के अध्यक्ष एम रामचंद्रन ने उन्हें पार्टी अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने का प्रमाणपत्र सौंपा. इसी के साथ औपचारिक रूप से वह पार्टी के अध्यक्ष बन गये. इस अवसर पर सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद थे.

इस मौके पर जहां मनमोहन ने सोनिया को एक स्मृति चिन्ह भेंट कर पार्टी में उनके योगदान की सराहना की वहीं पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने राहुल को शाल पहनाकर उनका स्वागत किया. द्विवेदी ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने का प्रमाणपत्र सौंपने के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में भव्य समारोह करने की आज एक नयी परंपरा शुरू हुई है. राहुल ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘आज भाजपा के लोग पूरे देश में आग और हिंसा को फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.’ उन्होंने दावा किया कि इसे रोकने के लिए देश में एक ही शक्ति है कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता.

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