चिकित्सकों की सरकार ने मानी मांगे, हड़ताल समाप्त होने की उम्मीद

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राजस्थान के दस हजार सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल अब समाप्त होने की उम्मीद है। सरकार ने डॉक्टरों की मांग मानते हुए विभाग के अतिरिक्त निदेशक पद से राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को हटाते हुए डॉक्टर को ही इस पर पर नियुक्त कर दिया है ।

सरकार ने चिकित्सक संघ के नेताओं के तबादले निरस्त करने की मांग भी मान ली है। अब डॉक्टरों की हड़ताल शीघ्र समाप्त होने की उम्मीद है। पिछले एक सप्ताह से चल रही डॉक्टरों की हड़ताल के चलते प्रदेश के अस्पतालों के हालात बिगड़ते देख सरकार ने नरम रूख अपनाते हुए हड़ताली डॉक्टरों को मनाने के प्रयास शुरू किए है। सरकार बुधवार शाम को उस समय हरकत में आई जब मेडिकल सेवारत चिकित्सक संघ और प्राइवेट नर्सिंग होम एसोसिएशन ने हड़ताली डॉक्टरों के समर्थन की घोषणा की ।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ और चिकित्सा सचिव वीनू गुप्ता के साथ बैठक कर डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त करने के निर्देश दिए। इधर डॉक्टरों की हड़ताल के बीच ही स्वान फ्लू का खतरा मंडराने लगा है । प्रदेश में पिछले दो दिन में स्वाइन फ्लू के 32 मरीज सामने आए है । राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की जयपुर में चल रही ट्रेनिंग के दौरान 4 प्रशिक्षुओं को स्वाइल फ्लू पॉजिटव आने के बाद हडकम्प मच गया ।स्वाइन फ्लू का वायरस अन्य प्रशिक्षुओं को नहीं फैले इसके लिए सरकार ने 1 जनवरी तक ट्रेनिंग रोक कर अवकाश घोषित कर दिया है ।

राजस्थान हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सेवारत डॉक्टरों ने काम पर लौटने के संकेत दिए है । राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के महासचिव डॉ.महेश शर्मा का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश की पालना करते हुए डॉक्टर काम पर लौटना चाहते है,लेकिन सरकार गिरफ्तारी का भय दिखाना बंद करे ।उन्होंने कहा कि आवश्यक सेवा अधिनियम के तहत सरकार ने करीब 200 डॉक्टरों को गिरफ्तार करवाया है,उन्हे तत्काल रिहा करवाया जाए । हड़ताल के चलते अस्पतालों के हालात बिगड़ते जा रहे है । पिछले छह दिन में पांच मरीजों की मौत के साथ ही कई आॅपरेशन टाल दिए गए है । कई मरीजों को उनके परिजनों ने सरकारी अस्पतालों से प्राइवेट अस्पतालों शिफ्ट कर दिया है ।

इससे पहले बुधवार दोपहर में राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स संघ के अध्यक्ष डॉ.एस.एस यादव ने कहा है कि सरकारी डॉक्टरों के साथ हो रही ज्यादती का मेडिकल टीचर्स पुरजोर विरोध करते हैं । सरकार ने यदि डॉक्टरों की मांगें नहीं मानी तो मेडिकल टीचर्स को भी हड़ताल में शामिल होना पड़ेगा । वहीं प्राइवेट नर्सिंग होम एसोसिएशन ने गुरूवार को काली पट्टी बांधकर सेवारत चिकित्सकों का समर्थन करने की घोषणा की है । सरकार ने इसके बाद भी मांग नहीं मानी तो 22 दिसम्बर के बाद दो घंटे का कार्य बहिष्कार करने की बात कही है ।

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