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TDS दरों में कटौती के साथ इनकम टैक्स रिटर्न की समय सीमा भी बढ़ी

Nirmala Sitharaman Press Conference वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (finance minister nirmala sitharaman ) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज (relief package) से जुड़ी जानकारी दी. आज कुल 6 लाख करोड़ की कुल घोषणाएं हुई हैं. इस आर्थिक पैकेज में नौकरीपेशा और एमएसएमई सेक्टर के लिए कई बड़ी घोषणाएं हुईं. वित्त मंत्री ने गुरुवार को शुक्रवार को भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी और आर्थिक पैकेज से संबधित नयी जानकारियां देंगी. वित्त मंत्री ने आज क्या क्या ऐलान किया यहां पढ़ें मुख्य बातें…

इनकम टैक्स रिटर्न भरने की की तारीख बढ़ी

इनकम टैक्स रिटर्न की तारीख को 31 नवंबर 2020 तक बढ़ाया जाएगा। इनकम टैक्स में ट्रस्ट, एलएलपी को सभी पेंडिंग फंड तत्काल रूप से दिए जाएंगे. कल से अगले साल तक टीडीएस और टीजीएस के लिए 25 फीसदी भुगतान में छूट दी जा रही है जो कि अगले साल 31 मार्च 2021 तक जारी रहेगी. इससे 50 हजार करोड़ रुपये का फायदा होगा. इसके अतिरिक्त वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विवाद से विश्वास स्कीम के तहत जिन कंपनियों के टैक्स विवाद बाकी हैं, वह 31 दिसंबर 2020 तक बिना किसी ब्याज के टैक्स दे सकते हैं.

ठेकेदारों को 6 महीने की राहत

सभी सरकारी एजेंसियां जैसे रेलवे, हाइवे आदि छह महीने तक ठेकेदारों को राहत.. पीपीपी में भी छह महीने तक राहत दी जा सकती है. रियल एस्टेट के मामले में एडवाइजरी जारी होगी कि सभी प्रोजेक्ट्स को मार्च से आगे 6 महीने तक मोहलत दी जाए. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा 25 मार्च 2020 के बाद जो भी रजिस्ट्रेशन और कंस्ट्रक्शन के लिए आगे बढ़े हैं, उन्हें छह महीने के लिए फायदा होगा. बिल्डरों को भी मकान पूरा करने के लिए अतिरिक्त वक्त दिया जाएगा.

बिजली वितरण कंपनियों के लिए इमरजेंसी लिक्विडिटी

कोरोना संकट से जूझ रही डिस्कॉम यानी बिजली वितरण कंपनियों की मदद के लिए इमरजेंसी लिक्विडिटी 90 हजार करोड़ रुपये की योजना. 30,000 करोड़ की स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम लॉन्च की जा रही है.

एमएसएमई के बाकी पेंमेंट 45 दिनों के अंदर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- एमएसएमई के लिए ई-मार्केट लिंकेज पर जोर दिया जाएगा. सरकार एमएसएमई के बाकी पेंमेंट 45 दिनों के अंदर करेगी. अब 200 करोड़ तक के सरकारी कामों के लिए ग्लोबर टेंडर नहीं होंगे. मतलब 200 करोड़ रुपये तक की सरकारी खरीद में ग्लोबल टेंडर नहीं मंगाए जाएंगे.

15 हजार रुपये से कम वेतन वालों का EPF

15 हजार रुपये से कम सैलरी वालों को सरकारी सहायता मिलेगी. सैलरी का 24 फीसदी सरकार पीएफ में जमा करेगी. इसके लिए सरकार की ओर से 2,500 करोड़ की मदद दी जा रही है. 72 लाख कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा पीएफ कॉन्ट्रीब्यूशन अगले तीन महीनों के लिए घटाया जा रहा है. यह कदम नियोक्ताओं के लिए उठाया गया है. पीएसयू को 12 फीसदी ही देना होगा. पीएसयू पीएफ का 12 फीसदी ही देंगे लेकिन कर्मचारियों को 10 फीसदी पीएफ देना होगा

एमएसएमई की परिभाषा बदल रहे

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- हमलोग एमएसएमई की परिभाषा बदल रहे हैं. अब एमएसएमई के लिए निवेश की सीमा ज्यादा बढ़ा रहे हैं. ज्यादा टर्नओवर के बावजूद एमएसएमई का दर्जा खत्म नहीं होगा. एक करोड़ के निवेश वाली कंपनियां माइक्रो यूनिट होंगी. कारोबार ज्यादा होने पर भी एमएमएमई का फायदा मिलता रहेगा. हर तरह के सेक्टर में लगी एमएसएमई को योजना से फायदा होगा.

10,000 करोड़ रुपये के फंड्स ऑफ फंड

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- एमएसएमई जो सक्षम हैं, लेकिन कोरोना की वजह से परेशान हैं, उन्हें कारोबार विस्तार के लिए 10,000 करोड़ रुपये के फंड्स ऑफ फंड के माध्यम से सहयोग दिया जाएगा.

MSME को तीन लाख करोड़ तक बिना गारंटी के मिलेगा लोन

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- MSME सेक्टर लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम को 3 लाख करोड़ रुपये का बिना गारंटी के लोन दिया जाएगा. एक साल तक ईएमआई से राहत. कहा कि संकट में फंसी एएसएमई को लिए 20 हजार करोड़ दिया जाएगा.

लोकल ब्रांड को ग्लोबल ब्रांड बनाने का लक्ष्य

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- पिछले कार्यकाल में कई योजनाएं आर्थिक सुधार से जुड़ी हुई थी, पीएम फसल बीमा योजना, फिशरी डिपार्टमेंट बनाना, पीएम किसान योजना जैसे सुधार कृषि क्षेत्रों के लिए किए गए हैं. कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र को बैंकों से जुड़े सुधार, बैंकों के रिकैपिटलाइजेशन जैसे काम किए गए हैं. डीबीटी के जरिए लोगों के खाते में सीधे पैसे पहुंच रहे हैं, किसी को बैंक तक जाने की जरूरत भी नहीं पड़ रही है. लोकल ब्रांड को ग्लोबल ब्रांड बनाने का लक्ष्य है. बिजली उत्पादन में भारत सरप्लस देश बना है.

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