राजस्थान

प्रदेश में 58 फीसद से ज्यादा लोगों हुए पॉजीटिव से नेगेटिव- स्वास्थ्य मंत्री

जनमत पत्रिका , जयपुर, 11 मई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के 58 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों की पॉजीटिव से नेगेटिव होने की खबर सबसे ज्यादा सुकून दे रही है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा प्रदेश की मजबूत चिकित्सा व्यवस्था, चिकित्सकों और स्वयं मरीजों के जज्बे का परिचायक है।


उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोरोना से होने वाली मृत्यु दर भी राष्ट्रीय दर के मुकाबले कम है। प्रदेश की मृत्यु दर जहां 2.83 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय मृत्यु दर 3.3 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि मरीजों के ठीक होने का प्रतिशत प्रदेश में 58 फीसद है, जबकि राष्ट्रीय प्रतिशत 29.9  के करीब है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पॉजीटिव होने की दर 2.35 प्रतिशत है जबकि राष्ट्रीय 3.92 प्रतिशत है।


उन्होंने बताया कि प्रदेश हर मामले में अन्य राज्यों से कहीं आगे हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना मरीज जहां देश भर में 12 दिनों में दोगुने हो रहे हैं वहीं प्रदेश में 18 दिनों में यह आंकड़ा आ रहा है। राज्य में कोरोना के संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि जयपुर और जोधपुर में प्लाज्मा थैरेपी प्रारंभ होने के बाद मृत्यु दर में भी गिरावट आना तय है।
बाहरी व्यक्ति को क्वारेंटाइन पालन करना होगाडॉ. शर्मा ने बताया कि प्रवासी राजस्थानी या प्रवासी श्रमिक को राज्य में आने के बाद 14 दिनों तक क्वारेंटाइन में रहना अतिआवश्यक है। इसके लिए प्रदेश भर के गांवों और शहरों में उनके हैल्थ चेकअप व क्वारेंटाइन सुविधा विकसित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार बिल्कुल नहीं चाहती कि बाहरी व्यक्तियों के आगमन के बाद प्रदेशवासियों के 48 दिनों की मेहनत पर पानी फिरे। इसीलिए सभी जिला कलेक्टर्स को इस बारे में निर्देश दिये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी परेशानी में अधिकारियों से संपर्क नहीं होने पर 181 पर भी कॉल कर सूचना ली या दी जा सकती है।

कफ्र्यूग्रस्त क्षेत्रों में जाने-आने के लिए जिला कलक्टर से लेनी होगी अनुमतउन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा श्रमिकों को ले जा रही ट्रेनों के स्टॉपेज बढ़ाने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि अलग-अलग राज्यों से आने वाले लोगों को सरकार की अनुमति के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। जो लोग यहां से अन्य राज्यों में जाना चाहते हैं वे जिला कलक्टर और संबंधित जिला अधिकारियों से अनुमति लेकर जा सकते हैं। जहां कफ्र्यूग्रस्त क्षेत्रों में केवल कलक्टर की अनुमति से ही पास जारी किए जा सकेंगे।  

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