राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला, गुर्जर समाज को मिला रिजर्वेशन

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चुनावी साल में वसुंधरा सरकार ने पांच जातियों को आरक्षण देने के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

जयपुर । गुजरात विधानसभा चुनाव में पाटीदार समाज की नाराजगी नजर आने के बाद अब राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार ने गुर्जर सहित पांच जातियों को ओबीसी के साथ ही मोस्ट बैकवर्ड क्लास (एमबीसी ) में अलग से एक प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को गुरुवार को मंजूरी दे दी। इन जातियों को पहले की तरह ओबीसी में आरक्षण का लाभ भी मिलता रहेगा।

चुनावी साल में वसुंधरा राजे सरकार ने पांच जातियों को आरक्षण देने के लिए कैबिनेट ने सर्कूलेशन से मंजूरी दी, अब नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही इन जातियों को सरकारी सेवाओं में आरक्षण का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। सरकार के नए निर्णय के बाद अब राज्य मे आरक्षण की कुल सीमा 50 फीसदी पहुंच गई है, इससे अधिक आरक्षण नहीं दिया जा सकता। गुर्जर, रायका, रैबारी, गड़रिया, लुहार जातियों को लेकर आरक्षण के विवाद के चलते करीब 75 हजार र्भितयों की प्रक्रिया अटकी पड़ी थी। अब आरक्षण का निर्णय होने के बाद युवाओं को राहत मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि एक दशक से भी लम्बे समय तक चले ¨हसक गुर्जर आरक्षण आंदोलन के बाद सरकार ने पिछले विधानसभा सत्र में गुर्जर, गाडिया लुहार, रैबारी,बंजारा और रायका समाज को पांच फीसदी अलग से आरक्षण देने का विधेयक पारित करवाया था। इसके बाद आरक्षण की कुल सीमा 54 प्रतिशत हो गई थी । आरक्षण देने के कुछ दिन बाद ही मामला कोर्ट में पहुंच गया और कोर्ट ने आरक्षण पर यह कहते हुए रोक लगा दी कि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार 50 फीसदी से अधिक आरक्षण नहीं दिया जा सकता है।

इसके बाद गुर्जर समाज ने फिर आंदोलन की धमकी दी तो सरकार ने ओबीसी में पहले की तरह मिल रहे आरक्षण के लाभ के साथ ही इन पांच जातियों को एक प्रतिशत अलग से एमबीसी क्लास में आरक्षण देने का निर्णय किया है ।

वर्तमान में आरक्षण की स्थिति

ओबीसी को 21 प्रतिशत
अनुसूचित जाति को 16 प्रतिशत
अनुसूचित जनजाति को12 प्रतिशत
अब एमबीसी की नई श्रेणी में 1 प्रतिशत
इस प्रकार कुल आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत हो जाएगी

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